कल्पना कीजिए: एक छोटा सा वीडियो गेम जो आपको रुला दे। 2014 में आया इंडी हॉरर गेम 'प्रेजेंटेबल लिबर्टी' हजारों खिलाड़ियों को भावुक कर गया। इसे सिर्फ एक घंटे में...
कल्पना कीजिए: एक छोटा सा वीडियो गेम जो आपको रुला दे। 2014 में आया इंडी हॉरर गेम 'प्रेजेंटेबल लिबर्टी' हजारों खिलाड़ियों को भावुक कर गया। इसे सिर्फ एक घंटे में पूरा किया गया था।
रॉबर्ट ब्रूक्स द्वारा निर्मित यह मनोवैज्ञानिक कृति आपको एक छोटी, एकांत कारावास कोठरी में डुबो देती है। आप दुनिया को नहीं देख सकते, लेकिन आपको चार अजनबियों के पत्र मिलते हैं जो इसके पतन को उजागर करते हैं।
डॉक्टर, लकी वन, वैलेट और मालिक—ये सभी आपको पत्र लिखते हैं, जिनमें निराशा का एक भयावह चित्र प्रस्तुत किया गया है। आपका लक्ष्य: इन अंशों से यह समझना कि बाहर क्या घट रहा है, बिना कुछ देखे।
इस गेम की खासियत यह है कि आप सचमुच फंस जाते हैं। यहाँ का डर अचानक डराने वाले दृश्यों में नहीं, बल्कि शब्दों और आपकी कल्पना में है। पाँच प्रतिशत से भी कम खिलाड़ी पाँच दुखद अंतों में से किसी एक तक पहुँच पाते हैं।
यह छोटा सा, मुफ़्त गेम साबित करता है कि कम से कम संसाधनों से भी सच्चे भय और दुःख को व्यक्त किया जा सकता है। यह आत्मा पर एक अमिट छाप छोड़ता है, और हमें मानवता पर चिंतन करने के लिए विवश करता है।
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